लोन के प्रकार | लोन का मतलब क्या हैं? लोन के टॉप 08 प्रकार.

लोन का मतलब क्या है? (what is loan?)

हैल्लो दोस्तों आज हम जानते है लोन के बारे मे लोन का मतलब क्या है? लोन कितने प्रकार के है? और
लोन किसी चीज को ख़रीदने के लिये, या किसी जरूरी काम के लिये, बिज़नेस को बढ़ाने के लिए,
या किसी पर्सनल काम के लिए बैंक या किसी फाइनेंसियल कंपनी से ली जाने वाली फाइनेंसियल
मदत को लोन कहा जाता है। जिसके बदले मे ग्राहक बैंक या फाइनेंसियल कंपनी को हप्ते के रूप
मे ब्याज के साथ पूरी धनराशि वापस कर देता है.

तो आज हम बात करने वाले की में बैंक या फाइनेंसियल कंपनी कितनी तरह की लोन
प्रोवाइड करते है। टाइम पीरियड के हिसाब से लोन तीन प्रकार के होते है।

शार्ट टर्म लोन
१ से कम साल
मीडियम टर्म लोन
१ से ३ या ५ साल के बीच
लॉन्ग टर्म लोन
५ से ज्यादा
primary loan type

लोन कितने प्रकार के है?

अनुक्रम 
1. पर्सनल  लोन 
2. गोल्ड लोन 
3. प्रॉपर्टी लोन 
4. सिक्योरिटी लोन 
5. एजुकेशन लोन 
6. होम लोन 
7. वाहन लोन 
8. बिज़नेस लोन 

पर्सनल लोन-

पर्सनल लोन का मतलब होता है खुद के लिए ले जानेवाला लोन वैसे सब लोग खुद के लिए ही लोन
लेते है ये लेकिन इसका मतलब है की अपने पर्सनल कामो के लिए,जैसे कि बच्चों की फीस भरनी है, किसी का इलाज कराना हो,किसी को महंगे गिफ्ट देने हो, या फिर घर का कोई सामान लेना हो। पर्सनल लोन के लिए अपने अपने बैंक की ब्याज दर तय होती है, जैसे कि आज की डेट में पर्सनल लोन के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया 12.50% से लेकर 16.60% तक सालाना ब्याज ले रहा है, लेकिन एचडीएफसी बैंक सालाना 10.99% से लेकर 20.75% तब इंटरेस्ट वसूल रहा है। यह भी जानना जरूरी है पर्सनल लोन की ब्याज दर दूसरे लोन के मुकाबले में ज्यादा होती है क्यों की वैसे बैंक पर्सनल लोन के लिए ज्यादा डॉक्यूमेंट लेती नहीं है, हो बस आपकी सैलरी देखते हैं और इनकम सोर्स देखते हैं, और लोन आपको देते हैं, पर्सनल लोन आपको 5 साल तक मिल सकता है।

गोल्ड लोन-

गोल्ड लोन बैंक में सोना रखने के बाद बैंक हम लोगों को उसके बदले रकम प्रोवाइड करती है उसको गोल्ड लोन कहते हैं। आपका सोना बैंक के लॉकर में सेफ रख दिया जाता है, अब को दी जाने वाली रकम आपने जो सोना रखा हुआ है उसके हिसाब से बैंक आपको देता है, ज्यादा से ज्यादा यह देखा हुआ गया है कि बैंक आपको आपके सोने की भाव से 80% तक की रकम आप को दिया जाता है। गोल्ड लोन आमतौर पर लोग अपनी इमरजेंसी जरूरत के लिए ले लेते हैं, इस लोन में लिया जाने वाला ब्याज दर पर्सनल लोन के मुकाबले कम होता है, आज की डेट में स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सालाना 11.50% और एचडीएफसी बैंक सालाना 10% तक का इंटरेस्ट वसूल रहे है।

प्रॉपर्टी लोन-

प्रॉपर्टी लोन वो हे की बैंक आप की प्रॉपर्टी रखें उसकी वैल्यू के हिसाब से आपको लोन प्रोवाइड करती है क्यों की आमतौर पर प्रॉपर्टी की जो वैल्यू है उसका 50% या 60% लोन आपको बैंक प्रोवाइड करती है। इस लोन में आपकी पूरी प्रॉपर्टी की वैल्यू करने के लिए बैंक से लोग आकर आपके प्रॉपर्टी की वैल्यू सेट करते हैं और आपको उसके हिसाब से लोन दिया जाता है।

सेक्यूरिटी लोन-

यह लोन आपको आपके सेक्यूरिटी के बदले में मिल जाता है, इसमें बैंक आपको अपनी सिक्योरिटी पेपर को रख के लोन देता है, इसमें सवाल होता है कि सिक्योरिटी पेपर क्या होते हैं, अगर आपने demand shares, mutual fund, insurance skim bond, मे पहले से ही इन्वेस्ट किया हुआ है तो यही आपके सिक्योरिटी पेपर होते हे जिसके बदले में बैंक आपको लोन देता है। इन सब पेपर की वैल्यू होती है अगर आप लोन चुकाने में असफल होते हैं तो बैंक आपके सब सिक्योरिटी पेपर को बाजार में बेच देते हैं, आप इन सिक्योरिटी पेपर को बैंक में गिरवी रख सकते हो आपको बैंक सब पेपर की ओवर ड्राफ्ट पैसे देता है।

एजुकेशन लोन-

एजुकेशन लोन स्टूडेंट के लिए है जो बच्चे फेस के कारण कॉलेज में एडमिशन ले नहीं पाते उनके लिए भारत सरकार ने यह सुविधा लागू की जो बच्चे या जो स्टूडेंट अपनी एजुकेशन पूरी करने के लिए फीज नहीं दे पाते तो वह बच्चे उनके कोर्से या डिग्री के हिसाब से एजुकेशन लोन ले सकते हैं। देखा गया है कि बैंक लोन उन स्टूडेंट को देती है जो कि लोन चुकाने की कैपेसिटी रखता है या फिर उस इंस्टिट्यूट को देखती है जहां पर स्टूडेंट पढ़ने जा रहे हैं, यह सब देख कर ही बैंक लोन अप्रूवल कर देती है, पढ़ाई खत्म होने के बाद स्टूडेंट लोन चुका सकता है एजुकेशन लोन लेने के लिए एक गारंटर की जरूरत होती है, गारंटर लोन लेने वाले रिश्तेदार भी हो सकते है। आज की डेट में इस लोन का ब्याज दर एसबीआई का 7.50 लाख से उपर के लिए 10.70% और 7.50 लाख़ तक के लिए 9.95% ब्याज दर चार्ज कर रहा है।

होम लोन-

घर खरीदने के लिए जो लोन लिया जाता है उसी से होम लोन कहते हैं यह लोन सिर्फ घर खरीदने के लिए नहीं बल्कि मकान की कीमत रजिस्टर करने का खर्चा stamp duty इन सब खर्चे को मिलाकर आप बैंक से कर्जा ले सकते, बैंक आपके खर्चे के मुताबिक 75% से लेके 80% तक लोन देती है।
मान लीजिए कि आपने एक होम के लिए बैंक से लोन लिया जिसकी कीमत है 6 लाख़ रुपए, तो आप बैंक को 6 लाख का 30% मतलब 1लाख 80 हज़ार देंगे और बाकी की रकम धीरे-धीरे करके चुका देंगे होम लोन चुकाने का टाइम पीरियड 5 साल से लेकर 20 साल तक होता है, होम लोन की शर्तों में इसके अलावा कुछ फीस भी शामिल होती जैसे कि processing fee, administer charges, legal fees, assessment fees etc

वाहन लोन-

यह लोन लेने के लिए बैंक अक्सर तरह-तरह की स्कीम देती है और यह लोन बाकी की लोन की तरह है ही फिक्स या फ्लोटिंग रेट पर दिया जाता है,फिक्स का मतलब फिक्स्ड इंटरेस्ट रेट रख के दिया जाता है, और फ्लोटिंग रेट समय-समय पर कम या ज्यादा हो जाता है और उसी मुताबिक आपके लोन का ब्याज दर कम या ज्यादा होता रहता है, इस लोन में जब तक लोन का पूरा पैसा चुका नहीं जाता तब तक उस वाहन पर मालिकाना अधिकार बैंक का ही रहता है, आपको बैंक में सैलरी स्लिप या पिछले 2 या 3 साल का income tax return देना पड़ सकता है, इसके अलावा ऐड्रेस प्रूफ या आई डी प्रूफ देना होता है।

बिजनेस लोन-

इसे हम कॉर्पोरेट लोन भी कहते है, आपके बिजनेस को देखें या आपके बिजनेस में होने वाली धनराशि को देखें बैंक डिसाइड कर सकता है कि आपको आपको लोन कितना दे सकते है यह लोन लेने के लिए आपका प्रॉपर बिजनेस प्लान होना चाहिए यह लोन के लिए भारत सरकार ने बहुत सारी सुविधाएं और स्कीम लागू किए बिजनेस लोन पर हम अलग से ब्लॉग लिखेंगे उस पर हम सब बिजनेस से रिलेटेड सब लोन की जानकारी देंगे.

आशा करता हु की आप समज गये होंगे लोन कितने प्रकार के है।

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Type of personal loan
लोग लोन क्यों लेते है?

हर किसी की लोन लेने के कारण अलग अलग होते हैलेकिन सब लोग अपनी
ज़रूरत के हिसाब से लोन लेते है क्यों की किसी को अचानक से पैसो की आवश्यकता होती है तब लोग
लोन लेते है लेकिन दोस्तों मे कहना चाहूँगा की government banks से ही लोन लेने की
कोशिश करो वहा पर व्याज कम होता हैं।

टाइम पीरियड के हिसाब से लोन कितने प्रकार के है?

टाइम पीरियड के हिसाब से लोन तीन प्रकार के होते है।

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